कैराना में तनाव, भारी पुलिस बल की तैनातीकैराना में सपा सांसद इकरा हसन के आवास पर हिंदू संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन की चेतावनी के बाद शहर में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है।
पुलिस प्रशासन ने सांसद के आवास और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर इसे छावनी में बदल दिया

वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों का डेरा एएसपी संतोष कुमार और एडीएम सत्येंद्र सिंह ने नगर में डेरा डालकर घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी। उन्होंने पल-पल की जानकारी जुटाते हुए विभिन्न मार्गों का दौरा किया। झिंझाना कोतवाली प्रभारी वीरेंद्र कसाना और इंस्पेक्टर सुदेश कुमार समेत भारी पुलिस बल सांसद के आवास पर तैनात रहा। सीओ श्याम सिंह और कोतवाली प्रभारी समयपाल अत्री ने झिंझाना मार्ग पर अंडरपास के निकट बैरिकेडिंग कर वाहनों की चेकिंग की। सीएचसी के समीप भी अतिरिक्त पुलिस व पीएसी बल तैनात किया गया।मुख्यमंत्री के बयान पर विवाद से बढ़ा मामलागत सप्ताह पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली में हुए एक विवाद के बाद तीखी चेतावनी दी थी। सीएम के इस बयान पर सांसद इकरा हसन की प्रतिक्रिया से हिंदू संगठनों में नाराज़गी बढ़ गई। संगठन पदाधिकारियों ने सांसद के आवास पर पहुंचकर विरोध जताने की बात कही थी।पूरे दिन तलाशी अभियानशनिवार को हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं के कैराना आने की सूचना पर पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। सांसद के आवास की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर बैरिकेडिंग कर हर वाहन की गहन तलाशी ली गई। सुरक्षा व्यवस्था पूरे दिन कड़ी रही।पूर्व में भी हुआ था विरोधपहले भी सांसद के दिल्ली में दिए गए बयान के बाद हिंदू रक्षादल ने विरोध जताया था। उस समय प्रदेश पदाधिकारियों ने 23 अप्रैल को सांसद के आवास पर हनुमान चालीसा पाठ करने की चेतावनी दी थी। शामली पुलिस ने बेरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया और बाद में कार्यकर्ताओं ने कंडेला के शिव मंदिर में पाठ कर वापस लौट गए थे।इंटरनेट मीडिया पर विवादित वीडियोएक सप्ताह पूर्व सहारनपुर के बीराखेड़ी निवासी रोहित कुमार सहित हिंदू संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा सांसद इकरा हसन के खिलाफ अभद्र भाषा उपयोग करते हुए एक वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित किया गया था। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की। बाद में रोहित ने वीडियो हटाकर माफी का दूसरा वीडियो जारी किया। इस बीच सांसद समर्थकों की प्रतिक्रिया पर हिंदू समुदाय के लोगों में नाराज़गी देखी गई।
