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आम का अचार बनाने के लिए सबसे जरूरी चीज होती है सही कैरी (कच्चे आम) का चुनाव. अगर कैरी सही नहीं होगी, तो अचार का स्वाद, टेक्सचर और उसकी शेल्फ लाइफ सभी पर असर पड़ता है. इसलिए जब भी आप अचार बनाने का प्लान करें, तो बाजार से कैरी खरीदते समय कुछ खास बातों का ध्यान जरूर रखें.

1. सही किस्म की कैरी चुनें

अचार के लिए सबसे अच्छी कैरी वही होती है जो खट्टी और रेशेदार कम हो. देसी किस्म के कच्चे आम अचार के लिए बेहतर माने जाते हैं क्योंकि उनमें स्वाद ज्यादा होता है और वे जल्दी खराब भी नहीं होते. बहुत ज्यादा मीठे या पकने वाली कैरी से अचार का स्वाद बिगड़ सकता है.

2. सख्त और कच्ची कैरी लें

कैरी हमेशा सख्त होनी चाहिए. अगर आप कैरी को दबाकर देखें और वह नरम लगे, तो वह अचार के लिए सही नहीं है. नरम कैरी जल्दी गल जाती है और अचार को खराब कर सकती है.

सही कैरी काटने पर कुरकुरी और सख्त होनी चाहिए.

3. गूदे का रंग देखें

अचार वाली कैरी का गूदा हल्का सफेद या हल्का पीला होना चाहिए. अगर गूदा ज्यादा पीला या हल्का मीठा लग रहा है, तो इसका मतलब कैरी पकने लगी है. ऐसी कैरी अचार के लिए ठीक नहीं रहती.

4. दाग-धब्बों से बचें

कैरी खरीदते समय ध्यान रखें कि उस पर काले धब्बे, कटे-फटे निशान या सड़न के निशान न हों. खराब कैरी से पूरे अचार में फंगस या खराबी आने का खतरा रहता है.

5. आकार मध्यम रखें

बहुत बड़ी या बहुत छोटी कैरी लेने से बेहतर है कि मध्यम आकार की कैरी लें. मध्यम आकार के आम में गूदा संतुलित होता है और उन्हें काटना भी आसान होता है.

6. रेशेदार कैरी न लें

कुछ किस्म की कैरी बहुत ज्यादा रेशेदार होती है. ऐसी कैरी का अचार खाने में अच्छा नहीं लगता. इसलिए खरीदते समय कोशिश करें कि बिना रेशे वाली या कम रेशेदार कैरी ही लें.

7. ताजी कैरी पहचानें

ताजी कैरी में हल्की सी कच्चे आम की खुशबू आती है. अगर कैरी से कोई अजीब या खट्टी सड़ी गंध आए, तो उसे न खरीदें. ताजगी अचार के स्वाद में बहुत फर्क डालती है.

8. मौसम का ध्यान रखें

अचार के लिए कैरी का सही समय अप्रैल से जून के बीच होता है. इस समय मिलने वाली कैरी सबसे अच्छी मानी जाती है. सीजन की कैरी ज्यादा ताजी और स्वादिष्ट होती है.

9. धोकर और सुखाकर इस्तेमाल करें

कैरी खरीदने के बाद उसे इस्तेमाल करने से पहले अच्छे से धोकर पूरी तरह सूखा लें. पानी की एक बूंद भी अचार को खराब कर सकती है, इसलिए यह कदम बहुत जरूरी है.

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