कैराना और आसपास के इलाकों में ईद-उल-अजहा बड़े ही धूमधाम और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया गया। स्थानीय मस्जिदों, ईदगाहों और मदरसों में नमाज़ अदा कर समुदाय ने देश-विदेश में अमन, सुरक्षितता और खुशहाली की दुआ की।
कैराना ईदगाह में जामा मस्जिद के इमाम-मुख्तसीन मौलाना मोहम्मद ताहिर ने ईद-उल-अजहा की नमाज़ पढ़वाई। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह त्यौहार हजरत इब्राहीम और हजरत इस्माइल की कुर्बानी की याद दिलाता है और त्याग व समर्पण का प्रतीक है। मौलाना ताहिर ने लोगों से अपील की कि वे आपसी भाईचारे को कायम रखें और जरूरतमंदों की मदद करें।
पानीपत रोड स्थित मदरसा इशाअतुल इस्लाम में मौलाना बरकतुल्लाह अमीनी ने इकट्ठे हुए लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कुर्बानी का वास्तविक मतलब इंसान के हृदय में अल्लाह का भय और बंदगी की भावना जगाना है। वहीं मौलाना जकरिया ने भी अपने वाक्तव्य में ज़ोर दिया कि ईद-उल-अजहा केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि अपनी इच्छाओं और अहंकार को अल्लाह की इबादत के आगे झुकाने का संदेश है। उन्होंने नमाज़ पर स्थिरता, माता-पिता की सेवा और आपसी प्रेम व सहयोग पर विशेष जोर दिया।
नमाज़ के बाद स्थानीय लोगों ने एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी और परम्परानुसार सामाजिक मेलजोल व मीठा वितरण किया गया। पूरे क्षेत्र में त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ ।
