कैराना। नगरपालिका के सफाईकर्मियों ने आरोप लगाया है कि एक अधिवक्ता ने उन्हें गाली-गलौच किया, मारपीट की और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। घटना के विरोध में कर्मचारियों ने मंगलवार को पालिका में हंगामा-प्रदर्शन किया और कोतवाली में आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायती-पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि कार्रवाई नहीं होने पर तहसील व न्यायालय परिसर में सफाई कार्य स्थगित कर दिया जाएगा।
उत्तर-प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ की स्थानीय शाखा के अध्यक्ष दीपक कुमार पाहिवाल और महामंत्री विनोद ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को शिकायत सौंपते हुए बताया कि गुरुवार सुबह लगभग 11 बजे नगर पालिका के सफाईकर्मी नकुल, अक्षय, चन्द्रा, सागर और आशीष जिला न्यायालय परिसर के मुख्य मार्ग पर सुपरवाइज़र अबसार अहमद के निर्देशन में स्वच्छता कार्य कर रहे थे। इसी दौरान एक अधिवक्ता वहां आए और बताया गया कि उन्होंने सफाई कर्मचारियों से अपने चैम्बर की छत साफ करने के लिए कहा, जबकि यह पालिका के कार्यक्षेत्र में नहीं आता।
कर्मचारियों ने बाद में यह कार्य करने का आश्वासन दिया, लेकिन आरोप है कि इसके बाद अधिवक्ता आगबबूला होकर गालियाँ देने लगे और उनके साथ मारपीट भी की। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने जाति सूचक अपमानजनक शब्दों का प्रयोग भी किया। पत्र में आरोपित अधिवक्ता के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है तथा चेतावनी दी गई है कि यदि शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो यूनियन तहसील व न्यायालय परिसर में सफाई कार्य बंद कर देगी और इसके दुष्प्रभाव के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा। शिकायत की एक प्रति नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को भी दी गई है।
वहीँ दूसरी ओर, जिस अधिवक्ता पर आरोप लगे हैं उन्होंने सफाईकर्मियों के ये आरोप निराधार व बेबुनियाद बताया है। आरोपित को बार एसोसिएशन कैराना का पदाधिकारी बताया जा रहा है।
घटना के सम्बन्ध में यह भी बताया गया कि उस दिन जिला न्यायालय परिसर में उच्च न्यायालय से आए निरीक्षक (जनपद शामली के प्रशासनिक न्यायाधीश) का दौरा निर्धारित था, इसलिए पालिका के कर्मचारियों द्वारा परिसर की विशेष सफाई अभियान के तहत काम चल रहा था। मामले की शिकायत मिलने के बाद सफाईकर्मियों में रोष फैल गया और वे पालिका में जाकर प्रदर्शन करने के बाद कोतवाली पहुंचे।
कैराना पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। पुष्टि के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
