कैराना। श्रावण मास के दौरान हुई कांवड़ यात्रा पुलिस और प्रशासन की सघन तैयारी व प्रभावी समन्वय के कारण शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हुई। लगभग 12-13 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान जिला प्रशासन ने डीएम आलोक यादव और एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह की ‘ज़ीरो एक्सीडेंट’ नीति के अनुपालन में फुल-प्रूफ प्लानिंग कर के अमली तौर पर लागू किया, जिससे बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी।
30 जुलाई से शुरू हुई यात्राओं में इस बार अपेक्षा से अधिक संख्या में शिवभक्तों ने हिस्सा लिया, जिनमें हरियाणा और राजस्थान से आए श्रद्धालु भी शामिल थे। पैदल चलने वाले कांवड़ियों की संख्या विशेष रूप से बढ़ी मिली, जिसके चलते सुरक्षा और दिक्कत-मुक्त मार्ग प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई। लाखों श्रद्धालुओं की व्यवस्था और उनकी सुरक्षित आवाजाही का भार एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार के नेतृत्व में सौंपा। कोतवाल सतीश कुमार ने सतर्कता और कुशल नेतृत्व दिखाते हुए दिए गए दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वाह किया और यात्रा के दौरान किसी भी बड़ी अप्रिय घटना को होने से रोका।
एसडीएम शिवाजी यादव तथा तहसीलदार अर्जुन चौहान ने भी अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ मिलकर समन्वय बनाए रखा और आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्था—मार्ग प्रभंधन, यातायात नियंत्रण, खाने-पीने और प्राथमिक चिकित्सा की उपलब्धता, तथा भीड़ प्रबंधन—की जिम्मेदारी सुचारू रूप से निभाई। पुलिस-प्रशासन द्वारा समय-समय पर की गई चौकसी, तैनाती और मार्गों पर प्रभावी संचार व्यवस्था ने यात्रियों की सहज यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्थानीय नागरिकों ने भी सुरक्षा व व्यवस्थापन के तरीके की सराहना की और कहा कि इस बार की प्रबंधन क्षमता पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर रही। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त तैयारियों के कारण वर्ष 2026 की कांवड़ यात्रा कैराना क्षेत्र में बिना किसी व्यवधान के सम्पन्न हुई।
