कैराना। शनिवार को श्रावण पूर्णिमा के पावन अवसर पर कैराना कस्बे और आसपास के गांवों में रक्षाबंधन का त्योहार सुबह से ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। शहर की गलियों, मोहल्लों और घरों में सुबह-सुबह से ही बाजारों की रौनक और लोगों की भीड़ देखी गई। अधिकांश घरों में पारंपरिक पकवान बनाये गए और महिलाएं-बच्चे रंग-बिरंगे परिधानों में नजर आये।
समारोह के दौरान बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक कर उनकी कलाई पर राखी बांधी और उनकी दीर्घायु व सुख-समृद्धि की कामना की। बहनों ने भाइयों को मिठाई खिलाकर आरती उतारी और शुभकामनाएं दीं। छोटी बहनों ने बड़े भाइयों से प्रणाम कर आशीर्वाद लिया, वहीं भाईयों ने अपनी बड़ी बहनों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस पारिवारिक और धार्मिक उत्सव में नातेदारों और पड़ोसियों का भी जमघट लगा रहा।
कुल पुरोहितों ने भी अपने यजमानों को राखियां बाँधकर उनकी मंगलकामना की और दक्षिणा लेकर आशीर्वाद प्रदान किया। कई स्थानों पर वैदिक विद्वानों और पंडित पुरोहितों ने श्रावणी उपाकर्म संपन्न कर पूजा-अर्चना की। सनातन परंपरा का पालन करते हुए कुछ गांवों में बहनों ने सामूहिक रूप से पेड़ों पर राखियां बाँधकर उनकी रक्षा और संरक्षण का संकल्प भी लिया, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी मिला।
त्योहार के कारण बाजारों में विशेष भीड़ रही। मिठाई, राखी और उपहार की दुकानों पर खरीदारी करने वालों की लम्बी कतारें बनी रहीं और कस्बा व्यापारियों को भी अच्छे व्यावसायिक दिन का अनुभव हुआ। इस दौरान कई मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ और लोगों को चलने-फिरने में असुविधा का सामना करना पड़ा।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन भी तैनात रहा और सार्वजनिक स्थलों पर शांति बनाए रखने के प्रयास किये गए। आयोजन स्थल और बाजारों में भीड़ के बीच स्वास्थ्य व सुरक्षा के मानदण्डों का ध्यान रखा गया।
कुल मिलाकर कैराना में रक्षाबंधन का पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उमंग और सामाजिक सद्भाव के माहौल में मनाया गया, जिसमें परिवारों ने मिलकर भाई-बहन के पवित्र संबंधों और समाजिक एकता का जश्न मनाया।
