कैराना। यमुना ब्रिज पर रविवार को एक महिला ने अपने तीन छोटे बच्चों को वहीं छोड़कर यमुना नदी में कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया। मौके पर तैनात निजी गोताखोरों की बहादुरी और तत्परता के कारण महिला को सुरक्षित निकाल लिया गया और बाद में पुलिस ने उसे चौकी ले जाकर परिजनों को सूचित किया। इससे एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना उस समय हुई जब नदी किनारे से गुजर रहे लोगों ने देखा कि एक महिला पुल से नज़रें गड़ाकर नीचे कूदने की कोशिश कर रही है। पास तैनात निजी गोताखोर दिलशाद और मुस्तकीम ने तुरंत किनारे से कूदकर महिला को पकड़ा और नदी से बाहर निकाल लिया। गोताखोरों की सक्रियता के कारण महिला और उसके तीनों बच्चे दोनों ही सुरक्षित रहे।
घटना की सूचना पर यमुना ब्रिज चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार तथा महिला पुलिस और अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस द्वारा महिला से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम रानी पत्नी साजिद निवासी गांव लोहरीपुर (माल्लीपुर), थाना कांधला बताया। महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति दिल्ली में वाहन चालक के रूप में कार्यरत हैं और घरेलू विवादों व जेठ द्वारा कथित प्रताड़ना के कारण वह मानसिक तनाव में थी। इसी तनाव के चलते उसने बच्चों को वहीं छोड़कर आत्महत्या का प्रयास किया।
उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार ने बताया कि महिला के परिजनों को तुरंत सूचित कर दिया गया है और आवश्यक क़ानूनी व सामाजिक मानवता संबंधी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिला को प्राथमिक चिकित्सा व मानसिक समर्पित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी तथा आवश्यकता होने पर संबंधित संस्थाओं से समन्वय कर आगे की उचित देखभाल सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की कि परिवारिक समस्याओं या मानसिक दबाव की स्थिति में उचित अधिकारियों और परिजनों को सूचित करें ताकि समय रहते सहायता मिल सके। प्रशासन ने गोताखोरों की सूझ-बूझ और तत्परता की सराहना की है, जिनके कारण एक जान बची और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई।
